नई दिल्ली: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार ने आगामी राष्ट्रपति चुनाव के निर्विरोध कराए जाने की बात कही है. महाराष्ट्र के सोलापुर में सोमवार (24 अप्रैल) को एक कार्यक्रम के दौरान शरद पवार ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विपक्ष से बात करें तो राष्ट्रपति चुनाव निर्विरोध कराया जा सकता है.
इसके साथ ही पवार ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को राष्ट्रपति चुनाव के लिए आवश्यक समर्थन मिला हुआ है. वहीं दूसरी ओर शिवसेना ने राष्ट्रपति पद के लिए शरद पवार को सर्वसम्मत उम्मीदवार के रूप में पेश करते हुए कहा कि भाजपा को भी उनको (शरद पवार को) समर्थन देना चाहिए.
एक समाचार चैनल से बातचीत में राउत ने कहा है कि शरद पावर काबिल हैं और काबिल राष्ट्रपति भी बन सकते हैं. हालांकि उनकी पार्टी राकांपा ने शरद पावर के राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की संभावनाओं को खारिज किया था.
राकांपा ने किया था शरद पवार के नाम से इनकार
मंगलवार (18 अप्रैल) को पत्रकारों से बात करते हुये राक्रांपा के महासचिव डी पी त्रिपाठी ने कांग्रेस नेता के वी थॉमस के दोनों पार्टियों के विलय के आह्वान को भी तवज्जो न देते हुये कहा था कि उनकी पार्टी यहां ‘उभरने के लिये है विलय के लिये नहीं.’
मंगलवार (18 अप्रैल) को पत्रकारों से बात करते हुये राक्रांपा के महासचिव डी पी त्रिपाठी ने कांग्रेस नेता के वी थॉमस के दोनों पार्टियों के विलय के आह्वान को भी तवज्जो न देते हुये कहा था कि उनकी पार्टी यहां ‘उभरने के लिये है विलय के लिये नहीं.’
उन्होंने कहा था, ‘पवार हमारी पार्टी के अध्यक्ष हैं, हमारे संसदीय दल के नेता हैं. अभी इसका सवाल ही नहीं (पवार के अगले राष्ट्रपति की दौड़ में होने का).’
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त्रिपाठी ने कहा कि सत्ताधारी दल के पास राष्ट्रपति के चुनाव के लिये 15000 वोट कम हैं. उन्होंने कहा कि अभी इंतजार कीजिये कि क्या वह सर्वसम्मत उम्मीदवार (विपक्ष के साथ) चाहते हैं.
उन्होंने कहा, ‘अगर वे एक आम सहमति का उम्मीदवार खड़ा करने का फैसला करते हैं, तो सभी पार्टियां (विपक्ष समेत) इस पर विचार करेंगी. यह इस पर निर्भर करेगा कि उनका रुख क्या है? इसमें अब भी काफी वक्त है, विभिन्न दल इस पर विचार करेंगे.’
कांग्रेस ने अभी नहीं किया है राष्ट्रपति उम्मीदवार पर फैसला
कांग्रेस ने शुक्रवार (21 अप्रैल) को कहा कि राष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष के उम्मीदवार के बारे में अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है और इस बारे में पार्टी सहयोगी दलों एवं अन्य विपक्षी पार्टियों के साथ बातचीत कर किसी आम सहमति पर पहुंचने का प्रयास करेगी.
कांग्रेस ने शुक्रवार (21 अप्रैल) को कहा कि राष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष के उम्मीदवार के बारे में अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है और इस बारे में पार्टी सहयोगी दलों एवं अन्य विपक्षी पार्टियों के साथ बातचीत कर किसी आम सहमति पर पहुंचने का प्रयास करेगी.
राष्ट्रपति चुनाव के लिए कांग्रेस द्वारा आम सहमति से विपक्ष का कोई उम्मीदवार खड़े किये जाने के बारे में प्रश्न किये जाने पर कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पहले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की थी और अब उनकी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात हुई है. यह मुलाकात पूरी तरह से शिष्टाचार भेंट थी. इस भेंट का कोई और मतलब निकलना अवांछित होगा.
सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और पार्टी कार्यसमिति इस बारे में विचार विमर्श करेगी तथा विपक्षी दलों के साथ चर्चा करेगी. इस बारे में जो भी फैसला किया जाएगा, उससे आपको अवगत कराया जाएगा.
उनसे यह प्रश्न किया गया था कि क्या कांग्रेस राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी के लिए विपक्षी दलों से बातचीत कर रही है और क्या वह निवर्तमान राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को दोबारा प्रत्याशी बना सकती है अथवा इस बारे में राकांपा प्रमुख शरद पवार के नाम पर भी विचार किया जा सकता है.
source zee news

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